थोड़ी सी खट्टी
थोड़ी सी तीखी
जो भी है क़माल है यह कॉर्पोरेट चटनी
पैसे की भूख जब सताती मन ललचाती यह कॉर्पोरेट चटनी
मन का मलाल
प्रेमिका का सवाल
नयन के पीड़ा
घड़ी की सूयिआन
है ये कार्पोरेट चटनी
माँ का ख्याल , लाल सी एक कार
अल्चोल की फीस , हल्की सी एक खीज
तीखा सा तेवर छोटा सा मज़ाक
दारू की बोत्त्ले चखने के साथ
पहली तारिख हरे रंग के साथ
बारिश के बाद फीकी हो जाती
नए पुराने रंग दिखती यह कार्पोरेट चटनी ….
